मैं बहुत परेशान थी.हेमंत जी से बहुत फर्क पड़ा.और अब मुझे नौकरी मिल गयी है.जिसकी मुझे उम्मीद भी नहीं थी.मैंने केवल उनके मार्गदर्शन को अपनाया और कुछ नहीं किया,उपाय करने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे.पर उन्होंने और बातें बतायीं थीं,जिनसे करने के बाद मुझे फर्क पड़ गया.
रीना
कानपूर
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